केएससीटी ( कोणार्क सम्पूर्ण चिकित्सा तंत्र )


 

 

 

 


 

 

स्वास्थ्य की विधायक किरण...

 

रोग से आरोग्य  की ओर...

 

' केएससीटी ' - समग्र उपचार की  सर्वथा नयी एवं मौलिक चिकित्सा पद्धति...

 

' केएससीटी ' ( कोणार्क संपूर्ण चिकित्सा तंत्र ) एक  ऐसी  मौलिक एवं  अनोखी चिकित्सा पद्धति  हैजो  वर्तमान में  मौजूद सभी  संघातक  बीमारियों  तथा  भविष्य  में  आने  वाली  सभी  संभावित  लाइलाज  बीमारियों  का  सफलतापूर्वक  इलाज  करने  में  सक्षम है |

 

जब हम  'लाइलाज बीमारीकहते हैंतो  हमारा मतलब  होता  है : ल्यूकेमिया अर्थात  रक्त कॅन्सरवे  संत्रस्त  लोग  जिन्हें ' एच आई वी पॉज़िटिव घोषित  किया  गया  है और  जो  नेफ्रैटिस ( गुर्दे की खराबी )  तथा  मधुमेह  जैसी  बीमारियों  से  ग्रसित  हैं |

 

इसके  अलावा  अन्य   प्रचलित   चिकित्सा  पद्धतियों  के  विपरीत  यह  चिकित्सा पद्धति   रोगी  के  संपूर्ण  शरीर  का  उपचार  करती  है    कि  महज  किसी  अंग अथवा  रोग  विशेष  का |

 

वस्तुतः  ‘ केएससीटी ’   में   रोग   की   चिकित्सा   के   दौरान   अन्य   आधुनिक   चिकित्सा  पद्धतियों   की   भाँति   रोगी   की   ' रोग   प्रतिरोधक   क्षमता '   नष्ट   नहीं   होती,   बल्कि   इस   पद्धति   में   रोगी   की    ' रोग - प्रतिरोधक  क्षमता '   और   मज़बूत    होती    जाती    है |

 

संक्षेप में, ' केएससीटी संपूर्ण  आरोग्य  का  भरोसा  देती  है |

 

यह  पद्धति  कॅन्सर  का  पूर्ण  निदान  करनेगुर्दे  के  रोगियों को  डायलिसिस  तथा बढ़े  हुए  क्रियेटिनिन  के  बावजूद  सामान्य  स्वास्थ्य  की अवस्था  में  रखने मधुमेह  के  रोगियों  की  इंसुलिन  की  मात्रा  घटाने  आदि, की  सैद्धांतिक  एवं व्यावहारिक  योग्यता    क्षमता  रखती  है |

 

उपरोक्त  बातों  का  सारांश  यह  है  कि  केएससीटी  की चिकित्सा  के  दौरान  रोगी  की ' रोग  प्रतिरोधक  क्षमता '  में  अपूर्व    उल्लेखनीय  सुधार  अनुभव  में  आता है,  जो  कि रोग  तथा  रोगी  की  समग्र  आरोग्य  की  ओर  होने वाली  प्रगति का स्वयंसिद्ध  प्रमाण  है |

 

यह  चिकित्सा  पद्धति  एक  अर्थ  में  एकदम  अनूठी व  असाधारण है  कि  यह रोग को

समूल नष्ट करने  के  साथ उसकी  पुनरावृति  की संभावना  को  भी नगण्य  करती जाती  है  और  साथ  ही  साथ  'रोग प्रतिरोधक क्षमता'  का  प्राकृतिक  ढंग  से  विकास  कर  दीर्घ  स्वास्थ्य  की  दिशा  में  एक  ठोस  आत्मनिर्भरता  प्रदान  करती  है |

 

 

इस  पद्धति  के अंतर्गत  आने  वाली  कुछ  प्रमुख  चिकित्सकीय  बीमारियों  की सूची :

 

 

अम्लता,

लत ( आदत ) : ड्रगशराब और अन्य टॉक्सिन
बुढ़ापा ,
एड्स,
अल्जाइमर रोग, ( स्नायुवीय स्मृति दोष )
रक्ताल्पता,
पथरी,
गठिया एवं जोड़ों का दर्द
ऑटो इम्यून रोग (रोग प्रतिरोधक तंत्र विकार ),
ल्यूकेमिया ( रक्त कैंसर ),
रक्तचाप ( अल्प  उच्च )
मुहासेफोड़े  त्वचा विकार.
कैंसर ( अन्य )
कब्ज,
मधुमेह,
अवसाद,
डेवलपमेंटल ( विकास संबंधित रोग  ),
औषध दुरुपयोग और प्रतिक्रियाएँ,
मिरगी,
ज्वर ( वायरल एवं अन्य ),
# ( 
जेनिटल वॉर्ट्स ) जननांग मस्से,
नकसीर , रक्त स्त्राव
हेपेटाइटिस '', ( पीलिया ), 'बी 'सी' ,
हाइड्रोसेफलस ( मस्तिष्क में पानी भर जाना ),
हंटर सिंड्रोम,
संक्रमण : बैक्टीरिया और वायरल
शारीरिक चोट,  घाव,
बदहजमी ( अपचअजीर्ण  अरुचि ),
ल्यूकोडर्मा ( सफेद दाग ),
ल्यूकोरिया ( श्वेत प्रदर ),
मलेरिया,
अनुवांशिक रक्ताल्पता  ( थैलेसीमिया ),

# मल्टीपल स्केलेरोसिस,
मेनिनजाइटिस  ( मस्तिष्क ज्वर  ) ,
नेफ्रैटिस (  गुर्दे की बीमारी  ),
मोटापा,
ओलिगोसपेरमिया ( शुक्राणु अल्पता  ),
ऑस्टियोपोरोसिस ( अस्थिक्षयअस्थिछिद्रता ),

                       # स्नायुवीय विकार
                       # 
पार्किंसंस रोग,
                       # 
स्पेरमाटोरिया,
                       # 
स्पोंडिलाइटिस  ( कशेरू में  सूजन ),
                       #
नशा
                       # 
टॉन्सिलाइटिस ( गुटिका शोथ ),
                       #  
अल्सर,
                       # 
यूरोसिस, ( मूत्र  रोग )
                       # 
वर्टिगो ( सिर में चक्कर आना ),

 


                      
तथा अन्य सभी रक्त  मूत्र से संबंधित रोग  .

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              *      ल्यूकेमिया  अन्य कैंसर 
              *     
मधुमेह,    
              *     
गुर्दे की खराबी
              *     
एचआईवी पॉज़िटिव
              *     
यकृत समस्याएँ.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

एक आह्वान , निवेदनअनुरोध तथा आमंत्रण :

 

उन सभी समुदायोंसंस्थानोंसमूहों तथा विभिन्न पद्धतियों में कार्य करने वाले 

चिकित्सकों  उपचारकों से और  उन लोगों से , जिनके पास इस अद्वितीय खोज 

को असाध्य रूप  बीमार रोगियों के लिए  अधिक सार्थक व उपयोगी बनाने की 

योग्यतासमझ  क्षमता है -- 

 

            एक आह्वान , निवेदनअनुरोधपुनरावेदनआमंत्रण  तथा पुकार : 

           
मार्ग दर्शनसलाह एवं सहायता , हमेशा स्वागत योग्य हैंजब तक  वो सृजनात्मक 

            एवं  सौद्देश्य है  और उन लोगों के माध्यम से प्राप्त होती है, जिनका ज़िक्र ऊपर

किया  गया  है |
 

या  फिर उन हालातों   सीमाओं  के  प्रति  एक  निर्मल, सदभावनापूर्णतथा 

संवेदनशील  समझ  विकसित  होजिसके  अंतर्गत  इस  पूरे  तंत्र  का  संचालन 

होता है |

 

इस  समझ  में  सबसे  प्रमुख  हैं : अनुसंधान  और  शोध  कार्य ...! 

जिनके  लिए एकनिष्ठ एकाग्रता, सल्लीनता एवं कार्य संपादन की नियमितता

परम आवश्यक है |

 

इस संवेदनशील समझ के विकसित होने में, आर्थिक पक्ष  का भी  एक महत्वपूर्ण
           
स्थान  है, जिसकी अनदेखी नहीं जा सकती | क्योंकि यह एक खर्चीला और

श्रमसाध्य कार्य है इसलिए आर्थिक अभाव एवं  साधन हीनता की स्थिति में

अनुसंधान और शोध कार्य संपादन / परीक्षण  करने में अतिरिक्त विलंब की

संभावना रहती है, जिससे कई बार शोधित कार्य  नष्ट हो जाता है |

 

अतः इस कार्य के लिए किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता का हार्दिक स्वागत

है जो आवश्यक संसाधनों की संपन्नता एवं कार्य निरूपण की गति को बढ़ाने में

एक बड़ी भूमिका अदा करेगी |
 

कोई भी कार्य, भले ही वो अच्छे उद्देश्य को लेकर किया जा रहा हो, देश के कानून

के प्रति सम्मान एवं उसकी सीमा के भीतर रहते हुए ही किया जाना चाहिए | इस

कार्य  में भी वैधानिक पक्ष की भी अनदेखी नहीं  जा सकती | अतः क़ानूनविदों से 

सही मार्गदर्शन व सहयोग की अपेक्षा है |

 

क्योंकि  'केएससीटी'   सिद्धांत व संकल्पनामेंदृष्टिकोण मेंऔषधि  उपचार के 

निरूपण में और सबसे प्रमुख --  अपने निजता के सैद्धांतिक आधार के अनूठेपून में

अन्य सभी मौजूदा चिकित्सा पद्धतियों से पूर्णतः भिन्न है , अतः सही अवसर  

सुविधाओं के चलतेयह  पद्धति ऐसे परिणाम लाने में सक्षम  है जो आधुनिक जगत 

की चिकित्सा पद्धतियों में अब तक के  सर्वाधिक सुरक्षित  तथापि अभूतपूर्व रूप से 

सफल परिणाम माने जा सकते हैं... 

 

यह चिकित्सा पद्धति समूचे विश्व तथा मानवता के लिए बेहद उपयोगी साबित हो

सकती है और पूरी संवेदनशीलता  एवं  ईमानदारी व साफगोई  के साथ उपलब्ध भी

हो सकती है लेकिन कहीं भी, किसी भी प्रकार के और किसी के भी द्वारा 'केएससीटी

के विस्तार एवं 'बहुजन हितायप्रसार कार्यक्रम के तहत आविष्कर्ता की बौद्धिक संपदा 

के शोषण अथवा उत्पीड़न या सताए जाने  की  कीमत  पर नहीं

 

केएससीटीसार्थक  ईमानदार सहयोग का खुले हृदय से स्वागत करती है |

           
धन्यवाद...!

 

 

 


 


 

 


 

उपचार के बारे में :
 


परिचय :


सूचना एवं विधि अनुदेश :


भुगतान का प्रारूप :

 

पंजीकरण :

 

समझौता और घोषणा :

 

 

आपके सवाल एवं पूछताछ :

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ( 1 ) :
'केएससीटी' के बारे में -- अवधारणा, सिद्धांत
संघटन आदि :

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ( 2 ) :

मेरे बारे में -- कौन और क्या हूँ मैं ? :

 

पहुँच:
 

दूरभाष :
080 23538566  &  09341260175


संपर्क :     शेखर जेमिनी


स्थान :

कोणार्क सम्पूर्ण चिकित्सा तंत्र,
ऐस ऐफ़ - ५ , अल्पाइन  व्यू  अपार्टमेंट्स,

III क्रॉस,  गंगा नगर,  बेल्लारी रोड,

बेंगलूरू - ५६००३२

 

 


 

 

 

 


 

 

 

 

 


 

 

 

 

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